बोलने की आदत नहीं करके काबिलियत का सबूत दूँगा। ख़िलाफ़ बोलते हैं जो आज मेरे कल मैं उनकी कह के लूँगा।
जिस दिन हमने अपनी औकात दिखा दी, उस दिन तुम्हारी हैसियत खत्म हो जाएगी…!
️ हमारे जैसे लोग मिलते नहीं, बनाए जाते हैं…!
अक्सर वही लोग उठाते हैं हम पर उँगलियाँ,
हम दुश्मनों को भी बड़ी शानदार सजा देते हैं हाथ नहीं उठाते नजरों से गिरा देते हैं.. !
हम वो इंसान हैं जो अपनी मर्जी से Attitude Shayari जीते हैं, और अपनी मर्जी से ही मरेंगे…! ⚰️
एटीट्यूड में रहना तो मेरी पुरानी आदत है।
बातें भूल भी जाऊं पर लहजे याद रखता हूं..
जो चली गई थी वो लौट आई है स्वागत करो बेटा.. दरवाजे पर तेरी मौत आई है.. !
मुझे शौहरत कितनी भी मिले, मैं हसरते नहीं रखता,
सारे मोहल्ले तुम खरीद लो हुकूमत हम चलाएंगे!
मेरी कहानी अभी शुरू हुई है, तुम्हारे खत्म होने का इंतज़ार है…! ⏳
लेकिन बदनाम रहो तो वही दुनिया सलाम करती है।
क्या एटीट्यूड शायरी केवल युवा पीढ़ी के लिए है?